एक दर्दनाक अग्निकांड में कई बच्चों की मौत के बाद राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और कुछ राजनीतिक नेताओं का आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण नुकसान और बढ़ गया.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के बाद काफी देर तक लोग अपने स्तर पर आग बुझाने और बच्चों को बचाने का प्रयास करते रहे। आरोप है कि यदि दमकल विभाग की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं.

घटना के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं ने राज्य सरकार की नीतियों और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों की भी आलोचना की है. हालांकि प्रशासन की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है.
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की प्रतिक्रिया में कितना समय लगा तथा बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं.

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके.