नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में शुमार शिखर धवन का टेस्ट डेब्यू आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी है. अपने पहले टेस्ट मैच की शुरुआत में धवन बिना कोई गेंद खेले रनआउट होने की स्थिति में पहुंच गए थे. उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपील वापस ले ली और उन्हें नया तथा घबराया हुआ खिलाड़ी बताकर हल्के अंदाज में देखा गया.

लेकिन धवन ने इसका जवाब अपने बल्ले से दिया। उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए मात्र 85 गेंदों में शतक पूरा किया.जो आज भी किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा टेस्ट डेब्यू पर लगाया गया सबसे तेज़ शतक माना जाता है.
यह ऐतिहासिक पारी 2013 में मोहाली टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई थी। धवन ने 174 गेंदों में 187 रन की विस्फोटक पारी खेली. जिसमें चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली. उनकी इस पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

शिखर धवन का यह प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि शुरुआती चुनौतियां किसी खिलाड़ी का भविष्य तय नहीं करतीं. आत्मविश्वास. मेहनत और सकारात्मक सोच के दम पर खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में बदल सकता है.

आज भी धवन की यह पारी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार डेब्यू पारियों में गिनी जाती है और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है.