नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते (Deal) की खबरों ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है। दोनों देशों के बीच तनाव कम होने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ने की उम्मीद के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है.

विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो ईरान का तेल निर्यात बढ़ सकता है। इससे वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति मजबूत होगी और कीमतों पर दबाव बनेगा.
तेल बाजार में निवेशकों ने इस खबर को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया है। लंबे समय से मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था। अब संभावित समझौते की खबरों से बाजार में स्थिरता की उम्मीद बढ़ गई है.
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे आती हैं तो इसका फायदा कई देशों को मिल सकता है। भारत जैसे तेल आयातक देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। साथ ही परिवहन, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत में भी कमी आने की संभावना है.
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत किस नतीजे तक पहुंचती है। फिलहाल निवेशक और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कारोबारी घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.