बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत को लेकर क्षेत्र में चर्चा और विवाद का माहौल बना हुआ है। भरत भूषण तिवारी स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्र बताए जा रहे हैं.
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि घटना के दौरान भरत भूषण तिवारी ने अपना हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई में उनकी मौत हो गई. इसी आधार पर ग्रामीण इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि भरत भूषण तिवारी गांव में बदलाव और स्थानीय समस्याओं को लेकर मुखर रहते थे.वहीं पुलिस के अनुसार मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है.हालांकि घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने से मामला और अधिक चर्चा में आ गया है.
परिजनों का कहना है कि यदि युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो फिर उसके बाद क्या परिस्थितियां बनीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए. वहीं ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की न्यायिक या स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई है.
फिलहाल बिहार पुलिस की ओर से मामले में विस्तृत रिपोर्ट और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और पुलिस कार्रवाई किस आधार पर की गई.
इस बीच क्षेत्र में लोगों की नजरें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। परिजन और स्थानीय नागरिक पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकें.