उत्तर प्रदेश के दादरी क्षेत्र अंतर्गत चिटहेरा गांव में जीटी रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास एक 13 से 14 वर्षीय दिव्यांग बालक की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह बच्चा विपरीत और असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर है, जिससे उसकी सुरक्षा और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चा लंबे समय से इसी क्षेत्र में देखा जा रहा है और उसकी देखभाल या उचित संरक्षण की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसे विशेष देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है, जो वर्तमान में उपलब्ध नहीं हो पा रही है.

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) और संबंधित प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि बच्चे को शीघ्र ही किसी सुरक्षित शेल्टर होम में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, ताकि उसकी देखभाल, शिक्षा और पुनर्वास की उचित व्यवस्था हो सके.
ग्रामीणों ने यह भी आग्रह किया है कि प्रशासन इस मामले को संवेदनशीलता के साथ देखे और बच्चे के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई अपेक्षित होती है, ताकि किसी भी बच्चे को असुरक्षित वातावरण में न रहना पड़े.
फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस पर संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे, जिससे बच्चे को सुरक्षित और बेहतर जीवन मिल सके.