गाजियाबाद के थाना वेव सिटी पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में वांछित अभियुक्त रिजवान को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्यवाही का परिणाम है, जिसने पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मामले का विवरण
पुलिस के अनुसार, दिनांक 07 अगस्त 2025 को थाना वेव सिटी में पीड़िता के भाई द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें बताया गया कि अभियुक्त रिजवान, पुत्र रफीक (निवासी ग्राम सुदेशपुर, थाना चण्डौस, जनपद अलीगढ़, हाल पता: उस्मान कॉलोनी, डासना, थाना वेव सिटी, गाजियाबाद), ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने कमरे और अन्य स्थानों पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके अलावा, अभियुक्त ने पीड़िता को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी। इस शिकायत के आधार पर थाना वेव सिटी में धारा 64(2)(m)/352/351(3) BNS और 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम ने मैनुअल इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर आज, 09 अगस्त 2025 को अभियुक्त रिजवान (उम्र 20 वर्ष) को डासना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया है।
अभियुक्त का कबूलनामा
पूछताछ के दौरान रिजवान ने पुलिस को बताया कि उसने पीड़िता को बहला-फुसलाकर उससे दोस्ती की और इस दोस्ती का फायदा उठाते हुए कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जांच शुरू कर दी है। वर्तमान में उसके खिलाफ थाना वेव सिटी में इस मामले से संबंधित एक अभियोग दर्ज है, और अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की सक्रियता और संदेश
थाना वेव सिटी की पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है। यह गिरफ्तारी न केवल पीड़िता और उसके परिवार के लिए राहत की बात है, बल्कि समाज में अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश भी है कि पुलिस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। गाजियाबाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है। गाजियाबाद पुलिस आयुक्तालय ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी