कूड़े पर बस रही कॉलोनी? डासना में अवैध प्लॉटिंग का बड़ा खेल, आपदा में कौन होगा जिम्मेदार!

Date: 2026-02-28
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नगर पंचायत डासना के खसरा संख्या 2243, प्राचीन देवी मंदिर के सामने स्थित लगभग 10–20 बीघा भूमि पर कथित अवैध प्लॉटिंग और बाहरी डंपिंग का मामला अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यहां 4 से 6 फीट तक भराव किया जा रहा है, जिसमें करीब 4 फीट ठोस अपशिष्ट डालकर ऊपर से 2 फीट मिट्टी बिछाई जा रही है। दावा किया गया है कि यह कचरा दिल्ली स्थित गाजीपुर डंपिंग ग्राउंड से रात के समय लाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, 30 से 50 डंपर—जिन पर कथित रूप से “MCD” लिखा हुआ है—रात में कूड़ा गिराते देखे गए हैं। क्षेत्रवासियों और मंदिर परिसर से जुड़े लोगों ने पहले भी डंपरों को रुकवाकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन आरोप है कि चेतावनी के बावजूद फिर से भराव शुरू कर दिया गया। कचरे के ऊपर मिट्टी डालकर इसे सामान्य भूमि भराव का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

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सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यहां 20,000 से 40,000 रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लॉट बेचे जाते हैं और कोई गरीब परिवार अपना घर बनाकर बसता है, तो भविष्य में भूकंप, भूमि धंसने या किसी अन्य आपदा की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी? कूड़े पर किया गया अस्थिर भराव निर्माण की दृष्टि से खतरनाक माना जाता है।

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आरोप है कि इससे भूजल, 84 बीघा का तालाब, कृषि भूमि और वायु गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी गई है।

 

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शिकायतकर्ता प्रदीप शर्मा ने कहा, “डासना में कूड़े पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है। प्रशासन तुरंत भराव कार्य रोके और जांच कराए। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो हम राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में जाकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।”

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तो वही अंकित सिंह क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्र बोर्ड गाज़ियाबाद ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पर कार्रवाई करवाते हैं। अगर ऐसा हो रहा है तो गलत है। निरीक्षण कर कार्यवाई करेंगे।

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