गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद के विकासखंड भोजपुर स्थित वृहद गो-संरक्षण केंद्र, टेलहेटा को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ के निर्देशन में संयुक्त टीम ने गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की विकास योजनाओं का विस्तृत आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान गोवंश के लिए हरे चारे की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत टेलहेटा के खसरा संख्या 175, 669, 377, 481 एवं 489 से संबंधित भूमि अभिलेखों का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता, उपयोगिता तथा चिन्हांकन की प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि भूमि का चिन्हांकन पूरा होते ही हरे चारे की खेती तत्काल शुरू कराई जाए, ताकि गोवंश को सालभर गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गो-आश्रय स्थल को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए अतिरिक्त शेडों का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है।
प्रशासन की योजना केवल चारे की व्यवस्था तक सीमित नहीं है। गो-आश्रय स्थल को आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए CSR (Corporate Social Responsibility) फंड के माध्यम से पशु आहार संयंत्र, गोबर गैस संयंत्र तथा गोबर से पेंट बनाने के संयंत्र स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे गो-आश्रय स्थल की आय बढ़ेगी और संचालन अधिक टिकाऊ एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार मोदीनगर, संबंधित लेखपाल, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, संबंधित एनजीओ के प्रतिनिधि तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता एवं उसके उपयोग से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन भी किया।
प्रशासन का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से गोवंश को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ गो-आश्रय स्थल का संचालन अधिक प्रभावी और आर्थिक रूप से मजबूत होगा। यह पहल प्रदेश में गो-संरक्षण केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मॉडल साबित हो सकती है।