हमीरपुर। कुंडौर सड़क हादसे के बाद जिला अस्पताल में घायल यात्रियों के पहुंचते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल में चारों ओर चीख-पुकार और परिजनों की बेचैनी के बीच एक घायल की हालत अचानक गंभीर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसकी सांसें और धड़कनें धीमी पड़ने लगीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई।
इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद रिक्रूट कांस्टेबल आदर्श मिश्रा ने अद्भुत सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने बिना समय गंवाए घायल को सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू कर दिया। समय पर किए गए इस प्रयास से घायल की स्थिति में सुधार होने लगा और उसे तत्काल चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया।
अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों ने आदर्श मिश्रा की तत्परता और मानवता की भावना की जमकर प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सीपीआर नहीं दिया जाता, तो घायल की जान बचाना मुश्किल हो सकता था।
रिक्रूट कांस्टेबल आदर्श मिश्रा का यह कार्य इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रतीक नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में मानव जीवन की रक्षा करने का भी संकल्प है। उनका यह साहसिक कदम पुलिस की संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।