सोनीपत (हरियाणा)। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भावुक कहानी तेजी से साझा की जा रही है, जिसने लोगों के बीच परिवार, संस्कार और बुजुर्गों की देखभाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि सोनीपत के एक कपड़ा व्यापारी, जिन्हें "गुप्ता जी" के नाम से बताया जा रहा है, ने अपनी तीनों बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाई और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया।
वायरल दावे के अनुसार, बाद के वर्षों में गुप्ता जी गंभीर बीमारी से जूझने लगे। आरोप है कि इस दौरान उन्हें परिवार का अपेक्षित साथ नहीं मिला और अंततः उन्हें वृद्धाश्रम में रहना पड़ा। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि वे अपनी बेटियों से अंतिम बार मिलने की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी।
दावे के मुताबिक, उनके निधन के बाद स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार कराया। वहीं, बेटियों ने अंतिम संस्कार के लिए 5,100 रुपये भेजे, वीडियो कॉल के माध्यम से शामिल हुईं और अंतिम संस्कार का वीडियो भी मांगा।
इस कहानी के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इसे बदलते पारिवारिक मूल्यों से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि बिना सत्यापन किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
महत्वपूर्ण: इस पूरे मामले की किसी सरकारी विभाग, पुलिस या अन्य आधिकारिक स्रोत से स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस कहानी को फिलहाल केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।