नई दिल्ली/तेहरान/वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के पुनर्निर्माण (Reconstruction) के लिए लगभग ₹25 लाख करोड़ रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है। इस फंड में अमेरिकी कंपनियों के निवेश की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है.

इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि इस मुद्दे पर कुछ सहमति बनी है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
दूसरी ओर Iran ने ट्रंप के दावे और रिपोर्ट दोनों को सख्ती से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी प्रकार की सहमति या बाहरी दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा.
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को चर्चा में ला दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है.