नई दिल्ली। भीषण गर्मी के बीच एक महिला शिक्षक के बेहोश होने की घटना ने प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और CPR को लेकर जागरूकता की आवश्यकता को फिर से उजागर कर दिया है। जानकारी के अनुसार महिला अचानक सड़क पर बेहोश होकर गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने इसे हार्ट अटैक समझते हुए उन्हें तुरंत CPR देना शुरू कर दिया.
बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें हार्ट अटैक नहीं आया था. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार.वह गर्मी के प्रभाव के कारण बेहोश हुई थीं.चिकित्सकों ने यह भी बताया कि गलत तरीके से किए गए CPR की वजह से उनकी कई पसलियों में चोट और फ्रैक्चर हो गया.
CPR कब देना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार.CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) केवल तब दिया जाना चाहिए जब व्यक्ति की सांस बंद हो और नाड़ी (Pulse) न मिल रही हो. यानी उसे Cardiac Arrest हुआ हो.यदि व्यक्ति केवल बेहोश है लेकिन सांस ले रहा है. तो बिना आवश्यकता CPR देना नुकसानदायक हो सकता है.
डॉक्टरों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि CPR जीवनरक्षक तकनीक है. लेकिन इसे सही प्रशिक्षण और सही स्थिति में ही किया जाना चाहिए.गलत तरीके से या बिना आवश्यकता के किए गए CPR से पसलियां टूटना. आंतरिक चोटें और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं.
यदि कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए.
- पहले उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें.
- उसकी सांस और प्रतिक्रिया (Response) की जांच करें.
- तुरंत एम्बुलेंस या स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा को कॉल करें.
- यदि प्रशिक्षित हैं और व्यक्ति में सांस व नाड़ी नहीं है, तभी CPR शुरू करें.