गाजियाबाद नगर निगम अब स्मार्ट सिटी की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने जा रहा है। जलकल विभाग के अंतर्गत आने वाले 193 बड़े एवं छोटे नलकूपों को अब आधुनिक SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत इंदिरापुरम और कविनगर जोन से की जाएगी.
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नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि इस तकनीक के लागू होने से नलकूपों का संचालन पूरी तरह ऑटोमेटिक हो जाएगा। इससे न केवल जल आपूर्ति व्यवस्था में तेजी आएगी, बल्कि बिजली की खपत पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। सिस्टम में लगे सेंसर और सॉफ्टवेयर की मदद से अधिकारी मोबाइल के माध्यम से ही हर नलकूप की लाइव स्थिति देख सकेंगे.

महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद ने जानकारी दी कि इस परियोजना में ए एस इलेक्ट्रिकल्स, के एम बी इलेक्ट्रिकल्स और सर्वेश बिल्डर द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियां दी गई हैं। योजना के तहत 20 से 40 एचपी क्षमता के 113 नलकूप और 20 एचपी से कम क्षमता के 80 नलकूप शामिल किए जाएंगे.
SCADA सिस्टम के जरिए नलकूपों के चालू और बंद होने का समय निर्धारित किया जाएगा। साथ ही वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, मोटर फेलियर, पानी की अनुपलब्धता और अन्य तकनीकी समस्याओं की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को अलर्ट के रूप में मिल जाएगी.
नगर निगम का दावा है कि इस प्रणाली के लागू होने से न केवल संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि रखरखाव लागत में भी कमी आएगी। जून के पहले सप्ताह से इस पायलट प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है.
प्रशासन का मानना है कि यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आने वाले समय में पूरे शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को इसी तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे गाजियाबाद स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट की दिशा में एक मॉडल शहर बन सकता है.