देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक नया विवाद सामने आया है.परीक्षा केंद्रों के बाहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र पहुंचने के बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया.
जानकारी के अनुसार संबंधित छात्र दोपहर 1:35 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे.जबकि परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे निर्धारित था। हालांकि NTA की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा केंद्र में प्रवेश का अंतिम समय 1:30 बजे तय किया गया था.इसी वजह से छात्रों को केंद्र के बाहर ही रोक दिया गया और उन्हें परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली.

इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली.उनका कहना है कि परीक्षा शुरू होने में अभी 25 मिनट बाकी थे.फिर भी कुछ मिनट की देरी के आधार पर पूरे साल की मेहनत को दांव पर लगा देना उचित नहीं है.
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है.कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है.तो क्या कुछ मिनट की देरी पर छात्रों को पूरी तरह बाहर कर देना न्यायसंगत है? वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नियम सभी के लिए समान होते हैं और उनका पालन करना आवश्यक है.

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की सुरक्षा और समयबद्धता महत्वपूर्ण है.लेकिन ऐसे मामलों में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान भी तलाशे जाने चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रबंधन. प्रवेश नियमों और अभ्यर्थियों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
फिलहाल इस मुद्दे पर NTA की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया और छात्र संगठनों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.