नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें दावा किया गया है कि "जो तकलीफ पिछले साल असम के मुसलमान झेल रहे थे. वही इस साल राजस्थान के आदिवासी झेल रहे हैं. कारण दोनों जगह भाजपा का तानाशाही रवैया है.
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई है.विपक्षी दल और कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैंजबकि भाजपा समर्थकों और अन्य लोगों ने इस दावे का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है.क्या है विवाद.

पोस्ट में असम और राजस्थान की घटनाओं की तुलना करते हुए आरोप लगाए गए हैं. हालांकि. इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज़ या न्यायिक निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है. इसलिए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार की नीतियों का असर कमजोर और वंचित समुदायों पर पड़ रहा है.वहीं भाजपा का पक्ष रहा है कि उसकी सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करती है और किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जाता.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है.कई लोग इसके समर्थन में अपनी राय रख रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे भ्रामक और राजनीतिक प्रचार बता रहे हैं.

फिलहाल यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है. इस संबंध में संबंधित सरकारों की ओर से इस वायरल पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.