नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक लग्ज़री कार मालिक का वीडियो और बयान तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि हाल ही में करीब ₹4.30 करोड़ की नई Mercedes-Benz खरीदने वाले एक युवक की कार में लगातार तकनीकी समस्याएं आ रही हैं.
युवक का कहना है कि उसकी कार E5/E10 पेट्रोल के अनुरूप बनाई गई है, जबकि कई पेट्रोल पंपों पर अब E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) उपलब्ध कराया जा रहा है। उसके अनुसार, इसी वजह से कार दो बार बीच रास्ते में बंद हो चुकी है और बार-बार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं.
युवक ने इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से सवाल किया है। उसका कहना है कि यदि देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो उन लग्ज़री और आयातित वाहनों का क्या होगा जो E20 ईंधन के लिए प्रमाणित नहीं हैं.

युवक का दावा है कि समस्या कार की गुणवत्ता नहीं.बल्कि फ्यूल कम्पैटिबिलिटी (Fuel Compatibility) की है. उसके अनुसार. फिलहाल उसकी कार को ऐसे पेट्रोल की आवश्यकता है जो E5 या E10 मानक के अनुरूप हो.लेकिन ऐसा ईंधन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा.हालांकि.अब तक Mercedes-Benz India, पेट्रोलियम कंपनियों या केंद्र सरकार की ओर से इस विशेष मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. साथ ही यह भी पुष्टि नहीं हुई है कि कार की खराबी का वास्तविक कारण E20 पेट्रोल ही है या कोई अन्य तकनीकी समस्या.
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्येक वाहन निर्माता अपने मॉडल के लिए निर्धारित ईंधन मानकों की जानकारी देता है.वाहन में ईंधन भरवाने से पहले निर्माता की अनुशंसाओं का पालन करना आवश्यक है. किसी भी तकनीकी खराबी का वास्तविक कारण केवल अधिकृत सर्विस सेंटर की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है.