गाजियाबाद। नगर पंचायत डासना क्षेत्र में लंबे समय से विवादों में रही लगभग 260 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को प्रशासन द्वारा कब्जामुक्त कराए जाने के बाद सामाजिक संगठन हेल्प एशियन फाउंडेशन ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। संस्था के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप शर्मा ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश. एसडीएम. तहसीलदार. लेखपाल एवं राजस्व विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए इसे सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.

जानकारी के अनुसार. नगर पंचायत डासना क्षेत्र के लगभग 56 खसरा नंबरों से संबंधित भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वर्ष 2020 में नगर पंचायत प्रशासन ने इस भूमि को सरकारी संपत्ति बताते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए थे और सार्वजनिक सूचना भी जारी की थी. बाद में कई स्थानों से बोर्ड हटाए जाने के बाद हेल्प एशियन फाउंडेशन ने लगातार चार वर्षों तक शासन और प्रशासन से शिकायतें कर सरकारी भूमि की सुरक्षा एवं जांच की मांग उठाई.

हाल ही में जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित भूमि को कब्जामुक्त कराया और दोबारा चेतावनी बोर्ड स्थापित किए। बोर्ड पर स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह भूमि सरकारी है तथा इससे संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है. बिना अनुमति खरीद-फरोख्त, निर्माण या कब्जा करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा.

प्रदीप शर्मा ने क्या कहा?
हेल्प एशियन फाउंडेशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप शर्मा ने कहा कि वर्षों से सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जों और फर्जी खरीद-फरोख्त की शिकायतें की जा रही थीं. प्रशासन द्वारा 260 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराना जनहित में बड़ा और सराहनीय कदम है.
उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त, अवैध प्लॉटिंग या निर्माण कराया है. उनकी भी निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही कब्जामुक्त भूमि पर भविष्य में पार्क, खेल मैदान और अन्य जनसुविधाओं का विकास किया जाए.


डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ का बयान
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि जनपद में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और फर्जीवाड़े के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि संबंधित मामलों की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है और यदि जांच में किसी के विरुद्ध अनियमितता या अवैध गतिविधियों के प्रमाण मिलते हैं तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

डीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि खसरा संख्या 230, सिकरोड़ा तथा तालाब खसरा संख्या 186, 190 एवं 26 बीघा सहित अन्य विवादित सरकारी भूमि की भी जांच जारी है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन का यह अभियान लगातार जारी रहा तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगेगी और भविष्य में जनहित की योजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो सकेगी.