गाजियाबाद पुलिस ने अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। स्वाट टीम, अपराध शाखा और थाना लोनी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन शातिर हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात अवैध पिस्टल, 22 जिंदा कारतूस तथा एक काले रंग की महिंद्रा थार गाड़ी बरामद की है
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले करीब एक वर्ष से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय थे और अब तक दिल्ली तथा गाजियाबाद में लगभग 20 अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुके हैं। गिरोह मांग के अनुसार हथियार उपलब्ध कराता था और प्रत्येक हथियार की बिक्री पर हजारों रुपये का मुनाफा कमाता था

पूछताछ के दौरान आरोपी अभिषेक शर्मा ने बताया कि उसका संपर्क दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात अपराधी उमेश शर्मा उर्फ उमेश पंडित से है। आरोप है कि उसी के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। आरोपियों ने यह भी बताया कि हथियार शामली निवासी एक व्यक्ति के माध्यम से मंगाए जाते थे और फिर विभिन्न ग्राहकों तक पहुंचाए जाते थे
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना लोनी में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं तथा किन-किन लोगों तक अवैध हथियार पहुंचाए गए
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सकती है।साथ ही अवैध हथियारों की सप्लाई चेन, आर्थिक लेन-देन और अन्य राज्यों से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में और बड़े खुलासे होते हैं तो पुलिस इस मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय कर सकती है। गाजियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत अपराधियों, गैंगस्टरों और अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा