समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता राजकुमार भाटी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित बयान में उन्होंने “रामायण और मनुस्मृति को कूड़े में फेंक देना चाहिए” जैसी टिप्पणी की बताई जा रही है। बयान सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और कई संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
विपक्षी दलों ने इस बयान को भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था का अपमान बताते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि हाल ही में अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद राजकुमार भाटी लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं.
सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने बयान की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बता रहे हैं.
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और अधिक तूल पकड़ सकता है.