मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने और सोना न खरीदने की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बसपा प्रमुख ने कहा कि देश की जनता पहले से ही महंगाई और आर्थिक दबाव से जूझ रही है और अब उनके पास “अधिक संयम बरतने या खोने के लिए बहुत कुछ नहीं बचा है.

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी तनावपूर्ण स्थिति और युद्ध जैसे हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
बसपा सुप्रीमो के अनुसार युद्ध की अनिश्चितता, ऊर्जा संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के कारण देश के सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़े तो आम जनता पर महंगाई का बोझ और अधिक बढ़ सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की हालिया अपील इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी या आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका हो सकती है।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख ने केंद्र सरकार से मांग की कि आम जनता को राहत देने के लिए ठोस आर्थिक कदम उठाए जाएं और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए.
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आगामी चुनावी माहौल और लगातार बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में मायावती का यह बयान राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.