पुलिस के अनुसार प्रताप विहार निवासी राकेश रावत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अंजलि नाम की महिला ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया। जब वह तय स्थान पर पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद तीन युवकों ने खुद को महिला का चाचा और भाई बताते हुए उनके साथ मारपीट की.
आरोपियों ने पीड़ित को झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर 4 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। डर और दबाव में आकर पीड़ित ने आरोपियों को 49 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि 30 हजार रुपये नकद भी दे दिए.
मामले को गंभीरता से लेते हुए विजयनगर पुलिस ने जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना पर सीएसएचपी स्कूल के पास फ्लाईओवर के नीचे से तीनों आरोपियों विशाल, अनिल और प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने अंजलि की मदद से पूरी साजिश रची थी। आरोपियों ने बताया कि वे पीड़ित से बाकी रकम लेने दोबारा पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.
गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों और महिला की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.