ऋषिकेश उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित सात मोड़ क्षेत्र में जंगलों की कथित कटाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसके बाद विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं

सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे बयानों में कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि पर्यावरण संरक्षण की मांग कर रहे लोगों की आवाज दबाई जा रही है। वहीं, कुछ पोस्टों में दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मामले का उल्लेख करते हुए दोनों घटनाओं की तुलना भी की गई है। आलोचकों का कहना है कि पर्यावरण और जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक उत्तराखंड सरकार या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस लगातार जारी है और विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं यदि प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी होता है तो उसके आधार पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी